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केंद्र सरकार की योजना

Janani suraksha yojana (JSY) जननी सुरक्षा योजना 2023: ऑनलाइन आवेदन | एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड

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Janani suraksha yojana

Janani suraksha yojana (JSY) जननी सुरक्षा योजना भारत सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं के बीच संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से लागू की गई एक योजना है। यह योजना उन गर्भवती महिलाओं को नकद सहायता प्रदान करती है जो सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी स्वास्थ्य सुविधा में प्रसव कराती हैं। नकद सहायता मुख्य रूप से डिलीवरी की लागत को पूरा करने के लिए है। यह योजना उन गर्भवती महिलाओं को भी आर्थिक सहायता प्रदान करती है जो पैदाइश से पहले देखभाल के लिए मान्यता प्राप्त निजी संस्थानों में जाती हैं।

जननी सुरक्षा योजना (JSY) एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत एक सुरक्षित मातृत्व पहल है, जिसे गर्भवती महिलाओं की मृत्यु दर और नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने के लक्ष्य से प्रारंभ किया गया है। इस योजना के तहत, गरीबी रेखा से नीचे आने वाली महिलाओं को सरकारी अस्पतालों या मान्यता प्राप्त निजी स्वास्थ्य संस्थानों में डिलीवरी कराने पर पैसों की सहायता प्रदान की जाती है। 2023 में, सरकार ने JSY के लिए 2000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 25% अधिक है।

JSY का उद्देश्य

JSY का मुख्य लक्ष्य यह है कि हर महिला को प्रसव पूर्व, प्रसव के दौरान और प्रसव के बाद समय से समुचित सेवाएं मिलें, जो महिला और बच्चे की सेहत को सुनिश्चित करें। JSY में, सरकार ने ASHA (Accredited Social Health Activist) को महिलाओं को सेवाएं प्रदान करने के लिए नियुक्त किया है, जो महिलाओं की प्रेगनेंसी, प्रसव, प्रसूति, पोषण, परिवार नियोजन, प्रति-प्रसव, महिला स्‍वास्‍थ्‍य, स्‍तनपान, इत्यादि को सुनिश्चित करना है। 

Janani suraksha yojana का लाभ

सरकारी सार्वजनिक अस्पतालों में डिलीवरी कराने जाने वाली महिला को इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली सम्पूर्ण राशि एक बार में दे दी जाती है। ऐसी अवस्था में जहां महिलाएं डिलीवरी से पहले की देखभाल के लिए मान्यता प्राप्त निजी संस्थानों में जाती हैं तो जेएसवाई के तहत नकद सहायता का कम से कम तीन-चौथाई (3/4) लाभार्थी को एक बार में भुगतान कर दिया जाता है। इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली आर्थिक सहायता गर्भवती महिला के स्थान और श्रेणी पर निर्भर करती है। यदि ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिला का प्रसव सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधा या मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में होता है तो उसे डिलीवरी के बाद 1400 रुपये के नकद सहायता मिलेगी। यदि शहरी क्षेत्र की गर्भवती महिला का प्रसव सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधा या मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में होता है तो उसे डिलीवरी के बाद 1000 रुपये के नकद सहायता मिलेगी। यदि बीपीएल श्रेणी के अंतर्गत आने वाली गर्भवती महिला का प्रसव घर पर होने पर उसे 500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। बच्चे के जन्म के पश्चात 5 साल तक माँ और बच्चे का टीकाकरण हेतु लाभार्थियों को कार्ड दिया जायेगा जिससे उन्हें मुफ्त में टीका और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 

पात्रता 

  • भारत की निवासी होना
  • आवेदक महिला की उम्र 19 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। 
  • बीपीएल या एपिएल श्रेणी की महिलायें पात्र हैं। 
  • सभी पंजीकृत लाभार्थी के पास MCH कार्ड के साथ-साथ जननी सुरक्षा कार्ड होना जरुरी है।
  • दो से कम संतानें होना

आवश्यक दस्तावेज़ 

  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो 
  • बीपीएल या एपीएल राशन कार्ड 
  • बैंक पासबुक 
  • निवास प्रमाण पत्र
  • डिलीवरी सर्टिफिकेट
  • जननी सुरक्षा कार्ड
  • मोबाइल नंबर

आवेदन की प्रक्रिया 

इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है इसके लिए आपको जननी सुरक्षा योजना की आधिकारिक वेबसाईट पर जाकर e-फॉर्म भरना होगा। 

JSY योजना के ऑफलाइन आवेदन के लिए फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं जिसे भरकर सही दस्तावेज़ों की कॉपी के साथ कार्यालय में जमा कर सकते हैं। दस्तावेज़ों और जानकारी के सत्यापन के बाद आपको इस योजना का लाभ मिल जाएगा। 

आवेदन स्थिति देखने की प्रक्रिया

  • पहले आपको JSY की आधिकारिक वेबसाईट पर जाना है। 
  • होम पेज पर आपको आवेदन स्थिति देखें पर क्लिक करना होगा।
  • अब आप अपना रेफ्रन्स नंबर दर्ज करें। 
  • आपके सामने आपके आवेदन की स्थिति आ जाएगी।
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उत्तर प्रदेश सरकारी योजना 2022

PM Surya Ghar Yojana: आपके बिजली के बिल का बोझ होगा कम, केंद्र के साथ अब यूपी सरकार भी देगी सब्सिडी, आप भी ले सकते हैं लाभ!

केंद्र सरकार की PM सूर्य घर योजना हेतु उत्तर प्रदेश सरकार भी अतिरिक्त सब्सिडी देगी। इससे 1 करोड़ परिवारों को सौर पैनल लगवाकर 5 वर्षों तक 300 यूनिट/माह मुफ्त बिजली, और ऋण पर रियायत मिलेगी। यह ऊर्जा बचत, रोजगार व कार्बन फुटप्रिंट कमी में मदद करेगी।

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Surya Ghar


PM Surya Ghar Yojana: केंद्र सरकार की एक नई पहल है जिसका लक्ष्य देश भर के 1 करोड़ घरों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मुहैया कराना है। जिसके तहत लोगों को अपने घरों पर सौर ऊर्जा पैनल स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। सरकार सौर ऊर्जा पैनलों पर सब्सिडी प्रदान करती है, जिससे लोगों को बिजली बिलों पर पैसे बचाने में मदद मिलती है। यह महत्वाकांक्षी योजना न केवल बिजली के बिल कम करने के बारे में है, बल्कि सौर ऊर्जा को अपनाने, रोजगार सृजन करने और भारत के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के बारे में भी है।

PM Surya Ghar Yojana : एक नज़र में

लाभविवरण
मुफ्त बिजलीयोजना के लाभार्थियों को 5 साल तक 300 यूनिट/माह मुफ्त बिजली मिलेगी।
सोलर पैनलों पर सब्सिडीकेंद्र सरकार 40,000 रुपये/kW तक सब्सिडी देती है।
रियायती ऋणबैंकों से रियायती दरों पर ऋण उपलब्ध है।
पर्यावरण लाभकार्बन फुटप्रिंट कम करता है और जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मदद करता है।

यूपी सरकार द्वारा सब्सिडी:

हाल ही में, उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इस योजना में शामिल होने का फैसला किया है। यूपी सरकार अब सौर ऊर्जा पैनलों पर अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान करेगी। इसका मतलब है कि यूपी में रहने वाले लोगों को अब केंद्र सरकार और यूपी सरकार दोनों से सब्सिडी मिलेगी।

योजना के लाभ:

  • मुफ्त बिजली: योजना के लाभार्थियों को पांच साल की अवधि के लिए प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी। इसका मतलब बिजली के बिलों पर खासकर ज्यादा बिजली खर्च करने वाले परिवारों के लिए काफी बचत हो सकती है।
  • सोलर पैनलों पर सब्सिडी: सरकार छत पर सोलर पैनल लगाने पर प्रति किलोवाट (kW) 40,000 रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। इससे घरवालों के लिए सोलर पावर की ओर रुख करना अधिक किफायती हो जाएगा।
  • रियायती दरों पर ऋण: सरकार ने योजना के लाभार्थियों को रियायती दरों पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए बैंकों के साथ भी समझौता किया है। इससे सोलर पैनल लगाने का आर्थिक बोझ और कम हो जाएगा।
  • पर्यावरण लाभ: सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देकर, पीएम सूर्य घर योजना से भारत के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।

यूपी सरकार द्वारा PM Surya Ghar Yojana का लाभ

इस योजना का लाभ आप केंद्र सरकार के साथ यूपी राज्य सरकार द्वारा भी प्राप्त कर सकते हैं जैसे :

केंद्र सरकार:

  • 1 किलोवाट – 30,000 रुपये
  • 2 किलोवाट – 60,000 रुपये
  • 3-10 किलोवाट – 78,000 रुपये

उत्तर प्रदेश सरकार:

  • 1-3 किलोवाट – 30,000 रुपये

उदाहरण:

  • यदि आप 1 किलोवाट का सोलर पैनल लगाते हैं, तो आपको केंद्र सरकार से 30,000 रुपये और उत्तर प्रदेश सरकार से 30,000 रुपये, कुल 60,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी।
  • 2 किलोवाट के लिए, आपको कुल 90,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी।
  • 3-10 किलोवाट के लिए, आपको 108,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी।

यह योजना भारतीय सौर उद्योग के लिए एक गेम-चेंजर है। इससे सोलर पैनलों के निर्माण, स्थापना और रखरखाव में लाखों रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। यह योजना भारत की सौर ऊर्जा क्षमता को भी काफी बढ़ा सकती है।

यदि आप भारत में एक गृहस्वामी हैं, तो आपको पीएम सूर्य घर योजना का लाभ उठाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। यह आपके बिजली के बिलों पर पैसा बचाने, पर्यावरण की मदद करने और भारतीय सौर उद्योग के विकास में समर्थन करने का एक शानदार अवसर है।

योजना के बारे में कुछ अतिरिक्त जानकारी:

  • पात्रता: भारत में सभी आवासीय घर इस योजना के लिए पात्र हैं।
  • आवेदन कैसे करें: आप पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
  • आवश्यक दस्तावेज: आपको कुछ मूल दस्तावेज जैसे पहचान प्रमाण, पता प्रमाण और बिजली का बिल जमा करना होगा।

मुझे उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए मददगार रहा होगा। यदि आपके कोई अन्य प्रश्न हैं, तो कृपया मुझे बताएं।

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केंद्र सरकार की योजना

उज्ज्वला योजना लिस्ट 2023 | pm ujjwala yojana

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ujjwala yojana

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) pm ujjwala yojana का उद्देश्य गरीब और दूरदराज के परिवारों को खाना पकाने के लिए ईंधन जैसे कि एलपीजी उपलब्ध कराना है, जो अन्यथा पारंपरिक ईंधन जैसे कि लकड़ी, कोयला, गोबर के कंडे आदि का उपयोग करते हैं। पारंपरिक ईंधन का उपयोग करने से ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य पर और पर्यावरण पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। PMUY 2016 में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख योजना है, जिसका मूल लक्ष्य 5 करोड़ LPG कनेक्शनों को गरीबी रेखा से नीचे की महिलाओं को वितरित करना था। बाद में, इसे मार्च 2020 तक आठ करोड़ महिलाओं तक LPG गैस कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया।

हाल ही में, सरकार ने पीएमयूवाई 2.0 लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य उन कम आय वाले परिवारों को मुफ़्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करना है जो पीएमयूवाई के पहले चरण के तहत कवर नहीं किए जा सके थे। यह योजना उन महिलाओं के लिए है जो 18 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुकी हैं और निम्नलिखित श्रेणियों में से किसी एक से संबंधित हैं: SC, ST, प्रधान मंत्री आवास योजना (ग्रामीण), सबसे पिछड़ा वर्ग (MBC), अंत्योदय अन्न योजना (AAY), चाय और पूर्व -चाय बागान जनजातियाँ, वनवासी, द्वीपों और नदी द्वीपों में रहने वाले लोग, SECC परिवारों (AHL TIN) के तहत सूचीबद्ध या 14-सूत्रीय घोषणा के अनुसार कोई गरीब परिवार।

pm ujjwala योजना का उद्देश्य

PMUY का उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे लोगों को खाना पकाने का साफ और सरल ईंधन देना है। ताकि वे धुआँ एवं बीमारियों से बच सकें। इस योजना के तहत बीपीएल कार्ड धारकों को एलपीजी कनेक्शन और चूल्हा प्रदान किया जाएगा। 

योजना के तहत मिलने वाले लाभ

  1. प्रत्येक लाभार्थी को हर महीने एक एलपीजी गैस सिलिन्डर रीफिल मुफ़्त में होगी।
  2. सरकार लाभार्थियों को गैस लेने के लिए उनके बैंक खाते में पैसे भेजेगी। 
  3. सिलिन्डर की पहली किश्त मिलने के 15 दिन बाद दूसरी किश्त भी खाते में आ जाएगी। 
  4. जिनके पास 5 किलो का LPG सिलिन्डर है, वे 3 महीने में 8 रीफिल मुफ़्त करा सकते हैं। 
  5. किराये पर रहने वाला व्यक्ति जिसके पास निवास प्रमाण पत्र नहीं है वह भी इस योजना का लाभ ले सकता है। 

आवेदन करने के लिए पात्रता

  1. केवल महिला आवेदन कर सकती है। 
  2. महिला की आयु 18 वर्ष से अधिक होना। 
  3. एक परिवार में किसी भी तेल कंपनी(OMC) का कोई अन्य LPG कोनेक्शन नहीं होना चाहिए। 
  4. निम्नलिखित श्रेणियों में से किसी एक से संबंधित वयस्क महिला – एससी, एसटी, प्रधान मंत्री आवास योजना (ग्रामीण), सबसे पिछड़ा वर्ग (एमबीसी), अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई), चाय और पूर्व-चाय बागान जनजाति, वनवासी, में रहने वाले लोग द्वीप और नदी द्वीप, एसईसीसी परिवारों (एएचएल टीआईएन) या 14-बिंदु घोषणा के अनुसार किसी भी गरीब परिवार के तहत सूची में दर्ज हों।

आवश्यक दस्तावेज़ 

  • KYC
  • आधार कार्ड( पहचान प्रमाण तथा पता प्रमाण पत्र के रूप में)
  • राशन कार्ड
  • बैंक अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड 
  • परिवार की स्थिति के प्रूफ के लिए केवाईसी।

आवेदन की प्रक्रिया

आवेदक अपनी पसंद के किसी भी LPG वितरक के पास आवेदन कर सकते हैं या आप ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं।

ऑनलाइन आवेदन के चरण निम्न हैं-

  1. सबसे पहले ऑनलाइन पोर्टल पर जाएँ
  2. फिर Click Here to apply for New Ujjwala 2.0 Connection पर क्लिक करें
  3. अब अपने पसंद के LPG वितरक को चुन कर रजिस्टर कर लें
  4. इसके बाद अपने दस्तावेज़ों के अनुसार सारी जानकारी भर दें 
  5. इसमें योजना में PMUY चुन लें 
  6. आपके जानकारी के सत्यापन के बाद आपका आवेदन पूर्ण हो जाएगा

ऑफलाइन आवेदन के लिए आप किसी भी पसंद के LPG वितरक के ऑफिस जा कर उज्जवला योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। आप इसके लिए kyc form पर क्लिक करके फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं जिसे आप भरकर आवश्यक दस्तावेज़ों के कॉपी के साथ अपने मनपसंद एलपीजी वितरक के वहाँ जमा कर सकते हैं। 

उज्जवला योजना की लिस्ट में अपना नाम देखने की प्रक्रिया

  1. सबसे ऑनलाइन पोर्टल mylpg.in पर जाएँ
  2. फिर होम पेज पर अपनी lpg आइडी दर्ज कर सबमिट पर क्लिक करें
  3. क्लिक करने के बाद यदि आप लाभार्थी होंगे तो आप का नाम आ जाएगा
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नई सरकारी योजना

मनरेगा योजना ग्राम पंचायत: कितना मिलता है भत्ता ?

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मनरेगा

भारत एक विकासशील देश है, जो निरंतर विकास की ओर बढ़ रहा है। परंतु अभी भी काफी विकास होना बाकी है। हमारे देश में आज भी एक बड़ी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। जिनमें अधिकतर लोग गरीब और बेरोज़गार हैं। 

राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (नरेगा), जिसे आधिकारिक तौर पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम(मनरेगा) के रूप में जाना जाता है, भारत सरकार द्वारा कार्यान्वित एक महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी सामाजिक कल्याण योजना है। 2005 में अधिनियमित, नरेगा का उद्देश्य गरीबी को कम करना और ग्रामीण परिवारों को गारंटीशुदा रोजगार के अवसर प्रदान करके उनकी आजीविका में वृद्धि करना है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोज़गार लोगों को रोजगार दिलाना और इसके माध्यम से गाँव की अर्थव्यवस्था को सुधारना है।

मनरेगा योजना ग्राम पंचायत क्या है?

मानरेगा योजना एक रोज़गार प्रदान करने वाली योजना है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को उन्हीं के गाँव में रोज़गार उपलब्ध कराती है। इस योजना में एक व्यक्ति को 100 दिन के रोज़गार की गारंटी होती है तथा प्रतिदिन के हिसाब से मज़दूरी मिलती है। यह मज़दूरी अलग-अलग राज्यों में अलग- अलग हो सकती है। इस योजना से जुडने के लिए आपके पास जॉब कार्ड होन अनिवार्य है। 

मुख्य विशेषताएं:

  • रोजगार की गारंटी: MGNREGA के अंतर्गत, ग्रामीण क्षेत्रों में नौकरी नहीं पाने वाले लोगों को 100 दिनों के लिए रोजगार की गारंटी दी जाती है। इससे उनका आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और वे अपने परिवार की देखभाल कर सकते हैं।
  • कार्यकारी शासन: इस योजना के तहत, रोजगार के लिए नियुक्त कामों का चयन ग्राम सभा और जनपंचायत के अनुसार किया जाता है। इससे स्थानीय समुदाय को अपनी आवश्यकताओं के आधार पर काम चुनने का अधिकार मिलता है।
  • निगरानी और प्राधिकरण: इस योजना के अन्तर्गत काम का पूरा निगरानी और प्राधिकरण जनपंचायतों द्वारा किया जाता है। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबी तय बनती है।
  • इस योजना में 33% महिलाओं का आरक्षण रखा गया है। 

योजना के लाभ:

रोजगार की वृद्धि: MGNREGA के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं बढ़ती हैं। लोग नौकरी पाने के बाद अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकते हैं।

बेरोजगारी में कमी: यह योजना बेरोजगारी को कम करने में मदद करती है, जो अन्यथा गांवों में आर्थिक स्थिति को कमजोर कर सकती है।

स्थानीय विकास: इस योजना के तहत किए जाने वाले काम अक्सर स्थानीय विकास के लिए उपयुक्त होते हैं, जैसे की सड़क निर्माण, जल संरचना, और वन्यजीव संरक्षण।

  • यदि जॉब कार्ड मिलने के बाद 15 दिन के अंदर कोई काम उपलब्ध नहीं कराया जाता तो कार्ड धारक को बेरोज़गारी भत्ता भी दिया जाता है।
  • मानरेगा के अंतर्गत किसी व्यक्ति की 9 घंटे की ड्यूटी होती है जिसमें 1 घंटे का विश्राम होता है। अतः इसमें एक व्यक्ति को प्रतिदिन 8 घंटे काम करना होता है। 
  • श्रमिकों को उनका पारिश्रमिक सीधा उनके बैंक खाते में जमा होता है।
  • इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले श्रमिकों को उनके निवास स्थान के नज़दीक ही रोजगार मिल जाता है। जिससे उन्हें काम के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ता। 
  • यदि कार्यक्षेत्र श्रमिक के निवास से 5 किमी से दूर है तो उसे 10% अधिक मज़दूरी डी जाएगी। 
  • इस योजना के अंतर्गत कार्यरत मज़दूर को चोट लगने या गंभीर क्षति पहुँचने पर उसकी इलाज का पूरा खर्च सरकार वहाँ करती है। 

योजना का लाभ लेने के लिए क्या करना होगा?

नरेगा का लाभ उठाने के लिए, पात्र ग्रामीण परिवारों को योजना के लिए पंजीकरण करना होगा और जॉब कार्ड प्राप्त करना होगा। जॉब कार्ड एक पहचान और पात्रता दस्तावेज के रूप में कार्य करता है, जो लाभार्थियों को काम मांगने में सक्षम बनाता है। जॉब कार्ड मिलने के बाद लाभार्थी स्थानीय ग्राम पंचायत को लिखित या मौखिक रूप से आवेदन करके नरेगा के तहत काम का अनुरोध कर सकते हैं। बदले में, ग्राम पंचायत अनुरोध के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार है।

आवेदन के चरण निम्न हैं-

  1. अपने ग्राम पंचायत कार्यालय पर जाएँ।
  2. आप नरेगा जॉब कार्ड के लिए पूछकर या एक निर्धारित फॉर्म भरकर ग्राम पंचायत कार्यालय में जमा करके पंजीकरण कर सकते हैं।
  3. आपके विवरण के सत्यापन के बाद, आपका नरेगा जॉब कार्ड जारी किया जाएगा।

गांव में 100 दिन का काम क्या है?

मनरेगा योजना में मिलने वाले कार्य निम्न क्षेत्रों में दिए जाते हैं-

  • लघु सिंचाई
  • जल संरक्षण
  • भूमि विकास
  • बाढ़ नियंत्रण
  • गौशाला निर्माण कार्य
  • बागवानी
  • ग्रामीण संपर्क मार्ग निर्माण
  • विभिन्न तरह के आवास निर्माण
  • सूखे की रोकथाम के अंतर्गत वृक्षारोपण

मनरेगा की 1 दिन की सैलरी कितनी है?

MGNREGA के अंतर्गत अकुशल श्रमिकों के लिए राज्य-वार मजदूरी दर-

राज्यमज़दूरी
आंध्र प्रदेश 272 रुपये
अरुणाचल प्रदेश242 रुपये
असम238 रुपये
बिहार228 रुपये 
छत्तीसगढ़ 221 रुपये
गोवा322 रुपये
गुजरात 256 रुपये
हरियाणा 357 रुपये
हिमाचल प्रदेश 224 रुपये: Non- scheduled areas280 रुपये: Scheduled areas
जम्मू और कश्मीर244 रुपये
लद्दाख244 रुपये
झारखंड 228 रुपये
कर्नाटक 316 रुपये
केरल333 रुपये
मध्य प्रदेश 221 रुपये
महाराष्ट्र 273 रुपये
मणिपुर 260 रुपये
मेघालय 238 रुपये
मिजोरम249 रुपये
नागालैंड 224 रुपये
उड़ीसा 237 रुपये
पंजाब 303 रुपये
राजस्थान 255 रुपये
सिक्किम 236 रुपये254 रुपये(गनाथान्ग, लाचुंग और लाचेन ग्राम पचायत में)
तमिलनाडु 294 रुपये
तेलंगाना 272 रुपये
त्रिपुरा 226 रुपये
उत्तर प्रदेश 230 रुपये
उत्तराखंड 230 रुपये 
पश्चिम बंगाल 237 रुपये
अंडमान एवं निकोबार 311 रुपये 
दादरा और नगर हवेली तथा दमन एवं दीव297 रुपये
लक्ष्यद्वीप304 रुपये 
पांडुचेरी 294 रुपये
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