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योजना अपडेट

फ्री कानूनी सहायता | Legal Aid | LADCS योजना

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कानूनी

Free Legal Aid: लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम (LADCS) एक ऐसी पहल है, जिसके तहत गिरफ्तार या मुकदमे में फंसे हुए आरोपियों को मुफ्त में कानूनी सहायता प्रदान की जाती है। इस स्कीम का उद्देश्य है कि समाज के कमजोर और हाशिये के लोगों को न्याय मिल सके।

कानूनी सहायता रक्षा परामर्श योजना (LADCS) राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा कार्यान्वित एक योजना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद व्यक्तियों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करना है। यह आपराधिक मामलों का सामना कर रहे लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, जिससे उन्हें मुकदमे के दौरान अपना बचाव करने में मदद मिलती है। 

उत्तर प्रदेश के अंतर्गत, LADCS को उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत दो वर्ष की अवधि के लिए लागू किया गया है। आम जनता को मुख्य, उप और सहायक परामर्शदाता द्वारा कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी।

Legal Aid Defence Counsel Scheme सार्वजनिक रक्षा प्रणाली के समान, हिरासत में आरोपी व्यक्तियों और आपराधिक मामलों में प्रतिवादियों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करता है। चयनित वकीलों की एक टीम प्रतिवादियों का नि:शुल्क प्रतिनिधित्व करती है। यह योजना भारत के कई जिलों में शुरू की गई है। 

उद्देश्य

कानूनी सहायता रक्षा परामर्श प्रणाली (LADCS) का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद व्यक्तियों, विशेष रूप से आपराधिक मामलों का सामना कर रहे व्यक्तियों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करना है। यह उन्हें मुकदमे के दौरान अपना बचाव करने में सक्षम बनाता है। यह योजना यह सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन की गई है कि कानूनी सहायता सभी के लिए सुलभ हो, चाहे उनकी वित्तीय स्थिति कुछ भी हो। इसका उद्देश्य कानून के समक्ष समानता के सिद्धांत को कायम रखना और न्याय सुनिश्चित करना है। यह विशेष रूप से वंचित व्यक्तियों के लिए फायदेमंद है जिनके पास अन्यथा कानूनी प्रतिनिधित्व का खर्च उठाने का साधन नहीं हो सकता है।

कैसे आवेदन करें फ्री कानूनी सहायता के लिए?

आप कानूनी सहायता रक्षा परामर्श प्रणाली (LADCS) योजना के तहत मुफ्त कानूनी सहायता के लिए ऑफ़लाइन या ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

ऑफ़लाइन आवेदन: आप अपने निकटतम कानूनी सेवा प्राधिकरण में उपलब्ध तैयार फॉर्म/आवेदन पत्र भर सकते हैं और उसे प्राधिकरण में भौतिक रूप से जमा कर सकते हैं, या आवेदन को प्राधिकरण को पोस्ट कर सकते हैं। दस्तावेजों की स्व-सत्यापित प्रतियों के साथ विधिवत भरा हुआ आवेदन पत्र जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को जमा करना होगा, जहां उम्मीदवार आवेदन करना चाहता है।

ऑनलाइन आवेदन: ऑनलाइन आवेदन के लिए आपको NLSA की आधिकारिक वेबसाईट पर जाना होगा और  Legal Aid के लिए आवेदन करना होगा। इसकी पूरी जानकारी नीचे डी गई है। 

पात्रता

मुफ़्त कानूनी सहायता का लाभ निम्नलिखित लोगों को प्रदान किया जाएगा-

  • अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य
  • संविधान के अनुच्छेद 23 में उल्लिखित मानव तस्करी या बेगार का शिकार औरत या बच्चा
  • मानसिक रूप से बीमार या विकलांग व्यक्ति
  • सामूहिक आपदा, जातीय हिंसा, जातीय अत्याचार, बाढ़, सूखा, भूकंप या औद्योगिक आपदा का शिकार व्यक्ति
  • औद्योगिक कामगार
  • हिरासत में कोई व्यक्ति; इनमें ये शामिल हैं- एक सुरक्षात्मक घर में हिरासत, या एक किशोर गृह में, या एक मनोरोग अस्पताल या मनोरोग नर्सिंग होम में हिरासत 
  • यदि किसी व्यक्ति की वार्षिक आय निम्नलिखित लिस्ट में अंकित राशि से कम है- 
No.States/Union TerritoriesIncome Ceiling Limit (Per Annum)
1.     Andhra PradeshRs. 3,00,000/- 
2.     Arunachal PradeshRs. 1,00,000/-
3.     AssamRs. 3, 00, 000/-
4.     BiharRs. 1,50,000/-
5.     ChhattisgarhRs. 1,50,000/-
6.     GoaRs.3,00,000/-
7.     GujaratRs.1,00,000/-
8.     HaryanaRs. 3,00,000/-
9.     Himachal PradeshRs. 3,00,000/-
10.   Jammu & KashmirRs. 3,00,000/-
11.   JharkhandRs. 3,00,000/-
12.   KarnatakaRs. 3,00,000/-
13.   KeralaRs. 300,000/-
14.   Madhya PradeshRs. 2,00,000/-
15.   MaharashtraRs. 3,00,000/-
16.   ManipurRs. 3,00,000/-
17.   MeghalayaRs. 3,00,000/-
18.   MizoramRs. 25,000/-
19.   NagalandRs. 1,00,000/-
20.   OdishaRs.3,00,000/-
21.   PunjabRs. 3,00,000/-
22.   RajasthanRs. 3,00,000/-
23.   SikkimRs. 3,00,000/-
24.   TelanganaRs.3,00,000/-
25.   Tamil NaduRs. 3,00,000/-
26.   TripuraRs. 1,50,000/-
27.Uttar PradeshRs. 3,00,000/-
28.UttarakhandRs. 3,00,000/-
29.West BengalRs. 1,00,000/-
30.Andaman & Nicobar IslandsRs.3,00,000/-
31.Chandigarh UTRs. 3,00,000/-
32.Dadra  & Nagar Haveli UTRs. 15,000/-
33.Daman & DiuRs. 1,00,000/-
34.DelhiRs.3,00,000/-
35.LadakhRs. 1,00,000/-
36.LakshadweepRs. 3,00,000/-
37.  PuducherryRs. 1,00,000/-

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र
  • राशन कार्ड
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो

आवेदन करने की प्रक्रिया

  1. सबसे पहले आपको NLSA  की अधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
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  1. अब आपको होम पेज पर ‘Apply Legal Aid’ पर क्लिक करना होगा।
  2. क्लिक करते ही आपके सामने एक एप्लीकेशन फॉर्म खुल जाएगा।
UP Free Kanooni Sahayta
  1. अब आपको इस एप्लिकेशन में मांगी गई सभी आवश्यक जानकारी को दर्ज करना होगा। जैसे- आपका नाम, पिता का नाम, माता का नाम, लिंग, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, जाति, जिला, पता आदि। 
  2. अब सभी जानकारी दर्ज करने के बाद आपको अपनी फोटो अपलोड करनी है।
  3. इसके बाद ‘Submit’ पर क्लिक करना है।
  4. इस प्रकार आपकी फ्री कानूनी सहायता में आवेदन करने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
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ब्लॉग अपडेट

IRCTC Vikalp Scheme-अब मिलेगा कन्फर्म टिकट

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IRCTC

भारत में यातायात का प्रमुख साधन ट्रेन है, इससे लोग नजदीक हो या दूर पूरे भारत में सफर करते हैं। रेलवे का सफर आरामदायक होने के साथ सस्ता भी है। रेलवे का सफर इतना प्रचलित होने के कारण, हमें कन्फर्म टिकट मिलने में काफी कठिनाई होती है। खास कर त्योहार के मौकों पर ट्रेन में काफी भीड़ होती है। ऐसे में रिज़र्वेशन कराने पर कन्फर्म टिकट मिलन एक प्रश्न चिन्ह बन जाता है। ऐसी प्रस्थितियों के निवारण के लिए IRCTC ने विकल्प योजना की शुरुआत की है। विकल्प आईआरसीटीसी द्वारा शुरू की गई यात्रियों के लिए सेवा है जो प्रतीक्षासूची(waitlisted)  टिकट वाले यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेन या मार्ग चुनने का विकल्प देती है, जिसमें कन्फर्मैशन की बेहतर उम्मीद होती है। इस सेवा का उद्देश्य प्रतीक्षा सूची वाले टिकटों के कारण यात्रियों को होने वाली अनिश्चितता और असुविधा को कम करना है।

IRCTC विकल्प योजना का उद्देश्य 

आईआरसीटीसी विकल्प योजना एक ऐसी योजना है जो भारतीय रेलवे के यात्रियों के लिए बहुत ही सुविधाजनक है। इसके माध्यम से, यात्रियों को कन्फर्म टिकट प्राप्त करने में मदद मिलती है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि वेटिंग-लिस्ट में होने पर, यात्रियों को कन्फर्म सीट प्राप्त करने में मदद मिलती है। 

क्या है IRCTC विकल्प योजना?

इस योजना के तहत, यात्रीयों के लिए विकल्प योजना में अधिकतम 7 ट्रेनों का विकल्प चुन सकेंगे। जिन यात्रियों ने वेटिंग टिकट बुक कराया है और चार्ट बनने के बाद पूरी तरह से वेट लिस्टेड है, केवल उन्हीं यात्रियों को दूसरी ट्रेन में विकल्प योजना के माध्यम से बर्थ उपलब्ध कराई जाएगी। यात्रियों की सुविधा के आधार पर रेलवे द्वारा परिभाषित स्टेशनों के समूह में से किसी भी स्टेशन से प्रस्थान करने वाली ट्रेन में उसी अनुरूप गंतव्य स्टेशन की सेवा देने वाले स्टेशन पर स्थानांतरित करने का विकल्प दिया जा सकता है। विकल्प चुनने वाले जिन यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेन में आवास प्रदान किया गया है, उन्हें उनकी मूल ट्रेन के वैटिंग लिस्ट चार्ट में शामिल नहीं किया जाएगा।

कैसे करें विकल्प का चुनाव टिकट वेट लिस्टिड होने पर?

आईआरसीटीसी में विकल्प योजना चुनने के लिए, निम्न चरणों का पालन करें-

  1. सबसे पहले आईआरसीटीसी वेबसाइट पर जाएं और अपने खाते में लॉग इन करें।
  2. फिर “बुक टिकट इतिहास”(book ticket history) विकल्प पर क्लिक करें।
  3. अब वह टिकट चुनें जिसके लिए आप विकल्प चुनना चाहते हैं।
  4. अगर आपका टिकट प्रतीक्षा सूची में होगा तो आपको स्क्रीन पर “ऑप्ट विकल्प” विकल्प दिखाई देगा। वैकल्पिक ट्रेन या क्लास चुनने के लिए इस पर क्लिक करें।
  5. इसके बाद सिस्टम आपकी यात्रा के लिए उपलब्ध वैकल्पिक ट्रेनों और कक्षाओं की एक सूची प्रदर्शित करेगा। जिसमें से अपनी मनपसंद विकल्प का चुनाव करके आप कन्फर्म टिकट प्राप्त कर सकते हैं। 

आप चार्टिंग से पहले बुक टिकट इतिहास लिंक के माध्यम से बाद में भी  विकल्प योजना का चुनाव कर सकते हैं। कृपया चार्टिंग के बाद पीएनआर स्थिति ज़रूर जांच लें। 

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किसान योजना

PM Kisan Yojana: 15वीं किस्त ऐसे किसान होंगे इस योजना से बाहर

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PM kisan yojana

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana): केंद्र सरकार और राज्य सरकार अपने-अपने स्तर पर विभिन्न प्रकार की योजनायें चला रहे हैं। इसी प्रयास में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना है। यह योजना 1 फरवरी 2019 से आरंभ की गई है। इस योजना के द्वारा साल में दो-दो हजार रुपये तीन किश्तों में यानि कुल 6000 रुपये सालाना पात्र किसानों को दिया जाता है। केंद्र सरकार द्वारा जुलाई महीने के अंत में 14 वीं किश्त जारी की थी। इसकी 15 वीं किश्त अक्टूबर महीने के अंत में आने की संभावना है। 

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पीएम किसान योजना 15 वीं किश्त पाने के लिए करना होगा यह काम

यदि आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो आपको ई-केवाईसी करवाना आवश्यक है। ई केवाईसी करवाने से आपकी सारी जानकारी सरकार तक पहुंच जाएगी। सरकार ने योजना का लाभ उठाने वाले किसानों के लिए ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य कर दिया है। इसके अतिरिक्त आपको अपनी जमीन का सत्यापन भी करवाना होगा। इस योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनके पास दो हेक्टेअर से कम जमीन होगी। जमीन का सत्यापन करवाने के लिए आपको पीएम किसान के आधिकारिक पोर्टल पर जमीन का दस्तावेज़ अपलोड करना होगा। आपके दस्तावेज़ के अपलोड होने के पश्चात कृषि विभाग के अधिकारी जमीन का सत्यापन करने समक्ष रूप से आएंगे। 

PM Kisan Yojana 15 वीं किस्त में इन किसानों को रखा गया है बाहर 

प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का कुछ लोग गलत तरीके से लाभ उठा रहे थे। अतः केवल पात्र किसानों को इसका लाभ देने के लिए, अब सरकार द्वारा कुछ प्रक्रियाओं का प्रयोग किया जा रहा है। कुछ किसान इस योजना का लाभ झूठे दस्तावेज़ों के जरिए उठा रहे थे। इस कारण अब उनका नाम पीएम किसान योजना के लाभार्थी लिस्ट से हटा दिया गया है। इस योजना का लाभ एक परिवार के केवल एक ही व्यक्ति को मिलेगा। 

उच्च आर्थिक स्थिति वाले लाभार्थियों की निम्नलिखित श्रेणियाँ इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं-

  1. सभी संस्थागत भूमि धारक
  2. वे किसान परिवार जो नीम्न में से किसी एक या एक से अधिक से संबंध रखते हैं-
    1. पूर्व या वर्तमान संवैधानिक पदधारक
    2. पूर्व या वर्तमान मंत्री/ राज्य मंत्री, लोकसभा/ राज्यसभा/ विधान सभा/ विधान परिषद के पूर्व या वर्तमान सदस्य, नगर निगम/ नगर पालिका/ ज़िला पंचायत के पूर्व या वर्तमान अध्ययक्ष
    3. केंद्र/राज्य सरकार के मंत्रालयों/कार्यालयों/विभागों और इसकी क्षेत्रीय इकाइयों केंद्रीय या राज्य पीएसई और सरकार के अधीन संबद्ध कार्यालयों/स्वायत्त संस्थानों के सभी सेवारत या सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी और साथ ही स्थानीय निकायों के नियमित कर्मचारी (मल्टी टासकिन्ग स्टाफ/ क्लास IV/ ग्रूप-डी को छोड़कर)
    4. सभी सेवानिवृत्त/सेवानिवृत्त पेंशनभोगी जिनकी मासिक पेंशन रु. 10,000/- या इससे अधिक है। (मल्टी टासकिन्ग स्टाफ/ क्लास IV/ ग्रूप-डी को छोड़कर)
    5. वे सभी व्यक्ति जिन्होंने पिछले वर्ष आयकर का भुगतान किया था। 
    6. डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट जैसे पेशेवर जो व्यावसायिक निकायों के साथ पंजीकृत हैं और प्रैक्टिस करके अपना पेशा चला रहे हैं।

इस वजह से भी PM kisan yojana 15 vi kist अटक सकती है 

  • ऐसे किसान जो इस योजना से गलत तरीके से जुड़े हुए हैं या गलत दस्तावेजों के प्रयोग से इस योजना का लाभ उठा रहे हैं ऐसे किसानों की जांच चल रही है और इनका आवेदन रद्द  हो रहा है। 
  • जिन किसानों के बैंक खाते की जानकारी गलत है उन किसानों की भी 15 वीं किश्त अटक सकती है। 
  • किसान योजना का आवेदन करते समय एक फार्म भरना होता है, यदि इस फार्म में नाम, लिंग, पता, आधार नंबर या कोई अन्य गलती होने से भी आपकी किश्त अटक सकती है। 
  • जिन किसानों ने भू सत्यापन नहीं कराया हो या ई-केवाईसी नहीं कराई हो तो नियमों के अनुसार इनकी भी किश्त अटक सकती है। 

अतः आप जल्दी से अपनी भूल सुधार लें, ताकि आपकी किश्त आपको आसानी से मिल सके। 

अब ई-केवाईसी कैसे करें 

आप ई-केवाईसी पीएम किसान पोर्टल के माध्यम से कर सकते हैं या फिर आप निकटतम सीएससी केंद्रों पर भी ई-केवाईसी कर सकते हैं। 

आप नीचे दिए गए निर्देशों का पालन करके आनलाइन स्वयं  ई-केवाईसी कर सकते हैं-

  1. सबसे पहले आपको पीएम किसान के पोर्टल https://pmkisan.gov.in/ पर जाना होगा। 
  2. आपको मुख्य पृष्ट पर फार्मर्स कॉर्नर में e-KYC पर क्लिक करना होगा।
  3. अब अपना आधार नंबर डाल कर सर्च पर क्लिक करना है। 
  4. अब अपना मोबाईल नंबर दर्ज करके OTP प्राप्त होने के बाद OTP भरना है।
  5. अगर आपकी सारी जानकारी पूरी तरह से वैलिड होगी तो आपकी ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

इसके अतिरिक्त किसान योजना से जुड़ा आपका कोई प्रश्न हो तो आप नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

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