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उत्तर प्रदेश सरकारी योजना

छोटे बच्चों की सरकारी योजना : हॉट कुक्ड फूड योजना का लाभ कैसे मिलेगा ?

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हॉट कुक्ड

आंगनबाड़ी एक प्रकार का समुदाय-आधारित बाल देखभाल केंद्र है जो छह साल से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं की बुनियादी स्वास्थ्य देखभाल, पोषण और शिक्षा सुनिश्चित करता है। आंगनबाड़ियों द्वारा दी जाने वाली मुख्य सेवाओं में से एक लाभार्थियों को गर्म पका हुआ भोजन प्रदान करना है, जो कुपोषण को रोकने और उनके स्वास्थ्य और विकास में सुधार करने में मदद करता है। हॉट कुक्ट मील भोजन योजना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अक्टूबर 2023 में शारदीय नवरात्रि उत्सव के दौरान शुरू की गई थी। इसमें आंगनबाड़ी आने वाले बच्चों को मौसमी फलों के साथ पका हुआ गर्म भोजन दिया जाता है। ये भोजन बच्चों को पर्याप्त पोषण और कैलोरी प्रदान करने के लिए हैं, जो अन्यथा कुपोषण और बौनेपन के शिकार हो सकते हैं।

हॉट कुक मील क्या है?

आंगनवाड़ी केंद्रों में गर्म पका हुआ भोजन बाल विकास और महिला कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत एक सरकारी योजना है। इस योजना का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर 6 महीने से 6 वर्ष की आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पौष्टिक आहार प्रदान करना है। इससे बाल-मृत्यु, कुपोषण, मातृ-मृत्यु, एनीमिया, संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को कम किया जा सकता है। हॉट कूक मील में प्रति बच्चे को प्रतिदिन कम से कम 500 कैलोरी और 12-15 ग्राम प्रोटीन दिया जाना चाहिए। गर्म पके हुए भोजन का मेनू अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होता है, लेकिन आम तौर पर पीएम पोषण (मिड-डे मील) के पैटर्न का पालन किया जाता है, जो स्कूली बच्चों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है। भोजन में आमतौर पर चावल, दाल, सब्जियां, अंडे, दूध, फल और अन्य चीजें शामिल होती हैं जो स्थानीय रूप से उपलब्ध हैं और सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य हैं।

आंगनबाड़ियों में बच्चों को खाना क्यों दिया जाता है?

गर्म पका हुआ भोजन योजना से आंगनवाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों के स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार होने के साथ-साथ उनके नामांकन और उपस्थिति दर में वृद्धि होने की उम्मीद है। इस योजना से स्थानीय महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है जिन्हें खाना पकाने और भोजन परोसने का कार्य मिल सकता है। इस योजना का उद्देश्य बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास करना है तथा साथ ही साथ आंगनवाड़ी गतिविधियों में उनकी भागीदारी को बढ़ाना है। इससे उनमें एनीमिया, बौनापन, कमज़ोरी और कम वज़न का प्रसार भी कम हो जाता है। इसके अलावा, आंगनवाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों में उनकी उपस्थिति, ठहराव और सीखने के परिणाम बेहतर होते हैं।

आंगनबाड़ी में बच्चों को क्या क्या मिलता है 2023?

आंगनबाड़ी में भारत के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बच्चों और महिलाओं को प्रारंभिक शिक्षा, उनकी स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा जैसी विभिन्न सेवाएं प्रदान करते हैं। भारत में आंगनवाड़ी केंद्र तीन से छह वर्ष की आयु के बच्चों और उनकी माताओं को कई प्रकार की सेवाएँ प्रदान करते हैं। सेवाओं में शामिल निम्न हैं:

  • पूरक पोषण: आंगनवाड़ी केंद्र लाभार्थियों को उनकी दैनिक आहार आवश्यकताओं को पूरा करने और कुपोषण को रोकने के लिए पौष्टिक भोजन प्रदान करते हैं। भोजन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री का उपयोग करके तैयार किया जाता है और मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए परीक्षण किया जाता है। भोजन में स्वास्थ्य, कल्याण और प्रतिरक्षा को बढ़ाने के लिए आयुष अवधारणाओं और पारंपरिक ज्ञान को भी शामिल किया गया है।
  • प्री-स्कूल गैर-औपचारिक शिक्षा: आंगनवाड़ी केंद्र 3-6 वर्ष की आयु के बच्चों को औपचारिक स्कूली शिक्षा के लिए तैयार करने और उनके संज्ञानात्मक, सामाजिक और भावनात्मक विकास को बढ़ाने के लिए प्री-स्कूल शिक्षा और गतिविधियाँ प्रदान करते हैं। पाठ्यक्रम राष्ट्रीय प्रारंभिक बचपन देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई) नीति पर आधारित है और खेल-आधारित और बाल-केंद्रित दृष्टिकोण का पालन करता है।
  • टीकाकरण: आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों को पोलियो, खसरा, डिप्थीरिया, टेटनस आदि जैसी विभिन्न बीमारियों के खिलाफ टीकाकरण की सुविधा प्रदान करते हैं। वे प्रत्येक बच्चे के टीकाकरण की स्थिति का रिकॉर्ड भी रखते हैं और समय-समय पर उन्हें टीकाकरण के लिए बुलाते हैं। 
  • स्वास्थ्य जांच: आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं की वृद्धि, विकास और स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच करते हैं। वे बुनियादी स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं प्रदान करते हैं जैसे गर्भनिरोधक परामर्श और आपूर्ति, ओ आर एस घोल, बुनियादी दवाएं आदि।
  • पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा: आंगनवाड़ी केंद्र माताओं और परिवारों को संतुलित आहार, सफाई, स्तनपान, मातृ देखभाल, बच्चे की देखभाल आदि के महत्व के बारे में जागरूकता और ज्ञान बढ़ाने के लिए पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा देते हैं। वे अच्छे स्वास्थ्य व्यवहार को भी बढ़ावा देते हैं।
  • रेफरल सेवाएं: आंगनवाड़ी केंद्र लाभार्थियों को किसी भी स्वास्थ्य समस्या या कठिनाई के समय नज़दीकी स्वास्थ्य सुविधा या अस्पताल में रेफर करते हैं जिसके लिए आगे मेडिकल अटेनशन या उपचार की आवश्यकता होती है। वे लाभार्थियों को अतिरिक्त सहायता और सेवाएँ प्रदान करने के लिए अन्य विभागों और एजेंसियों के साथ भी समन्वय करते हैं।

नई सरकारी योजना

बिजली बिल माफी योजना 2023: कैसे करें आवेदन?

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समाज में आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के उद्धार के लिए और उन्हें समानता दिलाने के लिए सरकार नई-नई योजनाएँ निकालती रहती है। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बिजली बिल माफी योजना शुरू की गई है। भारत में अभी भी एक बड़ा तबका ऐसा है जिसका रोजाना का गुजारा मुश्किल से हो पता है ऐसे में बिजली बिल का भुगतान कर पाना उनके लिए परेशानी की बात होती है ऐसे में जो लोग किसी कारण अभी तक बिजली का भुगतान नहीं कर पाए हैं उन्हें अब परेशान होने की जरूरत नहीं है।  उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें राहत देने के लिए  बिजली बिल माफी के लिए योजना की शुरूआत की है। इस योजना के तहत आपका बिजली का बिल कितना ही हो नागरिकों को केवल ₹200 बिजली का बिल का भुगतान करना होगा यदि आपका बिल ₹200 से कम है तो आपको मूल बिल ही जमा करना होगा। 

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उद्देश्य

इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों के बोझ में कमी करना है। यह योजना बिजली बिल के ऊंचे खर्चे में कुछ राहत देता है। इस योजना से सभी को बिजली मिल सके यह सुनिश्चित करा जाएगा। 

पात्रता

  • आवेदक का उत्तर प्रदेश का स्थाई निवासी होना
  • जो सिर्फ एक पंखा, tubelight और T.V का प्रयोग करते हैं।
  • केवल वे घरेलू उपभोक्ता जो सिर्फ 2 kilowatt या उससे कम बिजली लोड का प्रयोग करते हैं
  • छोटे जिले एवं गांव के नागरिकों के लिए

आवश्यक दस्तावेज़ 

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • पुराना बिजली का बिल
  • बैंक खाता विवरण
  • राशन कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
  • मोबाइल नंबर

बिजली बिल माफी के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया

  1. सबसे पहले आपको उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरपोरेशन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
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  1. अब आपके सामने होम पेज खुल जाएगा।
  2. होम पेज पर आपको यूपी बिजली बिल माफी योजना के अंतर्गत दिया गया आवेदन फॉर्म download करना होगा।
  3. अब आप इस आवेदन फॉर्म को प्रिन्ट कर लीजिए। 
  4. इसके बाद आपको आवेदन फॉर्म में दिए सभी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज करनी होगी।
  5. अब आपको आवेदन फॉर्म में सभी आवश्यक दस्तावेज लगाने होंगे।
  6. इसके बाद आपको इस आवेदन फॉर्म को संबंधित विभाग में जमा करना होगा।
  7. इस प्रकार आप यूपी बिजली बिल माफी योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकेंगे।

पोर्टल पर लॉगइन करने की प्रक्रिया

  1. सबसे पहले आपको यूपी बिजली कॉर्पोरेशन की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना है।
  2. फिर आपके सामने वेबसाइट का होमपेज खुल जाएगा।
  3. होमपेज पर आप उपभोक्ता लॉगइन सेक्शन के तहत लॉगिन पर क्लिक करें।
  4. अब आपके स्क्रीन पर लॉगइन पेज खुल जाएगा।
पोर्टल पर लॉगइन करने की प्रक्रिया
  1. इस पेज पर आपको अपना अकाउंट नंबर, पासवर्ड और इमेज का जवाब दर्ज करके लॉगिन के बटन पर क्लिक कर दें। 
  2. इस प्रकार से आपका पोर्टल पर लॉगिन हो जाएगा। 

बिजली बिल माफी योजना की पंजीकरण की स्थिति देखने की प्रक्रिया

  1. सबसे पहले आपको यूपी बिजलीकॉर्पोरेशन की आधिकारिक पोर्टल पर जाना है।
  2. फिर आपके सामने वेबसाइट का होमपेज खुल जाएगा।
  3. होमपेज पर आप नया कनेक्शन सेक्शन के तहत पंजीकरण/स्थिति के विकल्प पर क्लिक करें।  
  4. अब आपके सामने अगला पेज खुलकर आएगा। जिस पर आपको Discom Name की सूची दिखाई देगी।UP Bijli Bill Mafi Yojana
  5. इस सूची में से आप अपनी आवश्यकतानुसार Discom Name के आगे दिए गए स्थिति  पर क्लिक कर दें। 
  6. इसके बाद आपके सामने एक ओर नया पेज खुलकर आ जाएगा।
  7. इस पेज पर आप अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या रिफरेंस नंबर दर्ज करें। 
  8. फिर आपको‌ Go पर क्लिक कर देना है।
  9. गो पर क्लिक करने पर आपके पंजीकरण की स्थिति खुलकर आपकी स्क्रीन पर आ जाएगी।
  10. इस प्रकार से आप अपने पंजीकरण की स्थिति देख सकते हैं।
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उत्तर प्रदेश सरकारी योजना

UP Kaushal Satrang योजना, आवेदन पात्रता लाभ

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Kaushal Satrang

उत्तर प्रदेश: भारत में बेरोजगारी और गरीबी एक बहुत अहम समस्या है। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने तथा उन्हें सक्षम बनाने के लिए सरकार नए- नए कदम उठाती रहती है। ऐसे में केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारें भी योजनाएं निकलती रहती है। उन्हीं में एक पहल यूपी Kaushal Satrang योजना है। यूपी कौशल सतरंग योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए शुरू की गई एक योजना है।

यह योजना यूपी कौशल सतरंग योजना का हिस्सा है जिसका उद्देश्य युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और कौशल विकास को बढ़ावा देना है। यह योजना अगस्त 2022 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू की गई थी। जिसका उद्देश्य राज्य के बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत, 2.37 लाख लोगों को 7 प्रकार के कौशल प्रशिक्षण दिए जाएंगे, जिनमें से हर प्रकार का प्रशिक्षण 15 हजार से 20 हजार लोगों को मिलेगा।  

Kaushal Satrang योजना का उद्देश्य

इस योजना का उद्देश्य युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करना और कौशल विकास को बढ़ावा देना है। यह युवाओं को अपनी आजीविका बनाए रखने के लिए नौकरी पाने में सक्षम बनाएगा। यह योजना कौशल प्रशिक्षण, स्कालरशिप के साथ-साथ नौकरी प्लेसमेंट का आश्वासन प्रदान करने पर भी केंद्रित है। इससे यूपी में बेरोजगारी दर घटेगी और सबका विकास होगा। 

क्या है यूपी कौशल सतरंग योजना?

इस योजना में सात अवयव हैं जो राज्य में लगभग 2.37 लाख लोगों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। अवयवों में कौशल सतरंग, युवा हब योजना और मुख्यमंत्री प्रशिक्षुता संवर्धन योजना (सीएमएपीएस) शामिल हैं। कौशल सतरंग के अवयव युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करता है, जबकि युवा हब योजना स्टार्टअप को रोजगार सृजित करने की सुविधा प्रदान करती है। सीएमएपीएस युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ स्कालरशिप भी प्रदान करता है। 

यूपी कौशल सतरंग योजना में सात घटक हैं जो राज्य में लगभग 2.37 लाख लोगों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। जो निम्न हैं-

  1. कौशल सतरंग: युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करता है।
  2. युवा हब योजना: स्टार्टअप को रोजगार सृजन की सुविधा प्रदान करती है।
  3. मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (सीएमएपीएस): युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ स्कालर शिप भी प्रदान करती है। इसमें किसी भी उद्योग या व्यावसायिक इकाई में काम करने पर 2500 रुपये का मानदेय सरकार की ओर से मिलेगा, जिसमें केंद्र सरकार 1500 रुपये और राज्य सरकार 1000 रुपये प्रदान करेगी। 
  4. जिला कौशल विकास योजना: जिला स्तर पर युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करती है।
  5. तहसील स्तर पर कौशल पखवाड़ा योजना: युवाओं को तहसील स्तर पर कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करती है।
  6. रोग्य मित्र: युवाओं को स्वास्थ्य संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करता है।
  7. आरोग्य मित्र: युवाओं को स्वास्थ्य संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करता है।

लाभ

  • प्रदेश में रोजगार मेलों का आयोजन कर लाभार्थियों को इस योजना से जोड़ा जायेगा। 
  • उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना के तहत युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा। 
  • कौशल विकास योजना के तहत बेरोजगारी से मजबूर युवाओं को राहत मिलेगी और नौकरी के लिए ठोकरें नहीं खानी पड़ेगी। 

पात्रता

  • यूपी राज्य के सभी बेरोजगार युवा, जिन्हें अभी तक नौकरी नहीं मिली है। 
  • किसी भी वर्ग का व्यक्ति
  • लाभार्थियों को मिलने वाला वेतन सीधा उनके बैंक खाते में जमा किया जाएगा। 

आवश्यक दस्तावेज़

  • आवेदक का आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर
  • बैंक विवरण
  • निवास प्रमाण पत्र

आवेदन प्रक्रिया

  1. सबसे पहले उत्तर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट sewayojan.up.nic.in पर जाएं।
  2. अपना नाम, मोबाईल नंबर और पता सहित सभी आवश्यक जानकारी प्रदान करके आवेदन पत्र पूरा करें।
  3. आवश्यक दस्तावेज़ इकट्ठा करें, जैसे कि आपका पहचान प्रमाण, पता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और कोई अन्य दस्तावेज़।
  4. पूरा आवेदन पत्र और सभी आवश्यक दस्तावेज उत्तर प्रदेश sewayojan.up.nic.in पर जमा करें।
  5. आपका आवेदन पूर्ण हो जाएगा।
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नई सरकारी योजना

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना क्या है

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फेलोशिप

मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना का प्रारंभ यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी ने किया इस योजना का नाम उप मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना है। इस योजना का लाभ ऐसे विद्यार्थियों का मिलेगा जो शोध करने में लगे हुए हैं। अगर आप भी उत्तर प्रदेश के ऐसे विद्यार्थियों में आते हैं जो की रिसर्च करते हैं तो आप भी इस योजना के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों कोफेलोशिप के रूप में ₹30000 महीना दिया जाएगा।आज के इस लेख में उप मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के बारे में हम विस्तार पूर्वक जानेंगे। 

फेलोशिप क्या है

बहुत सारे विद्यार्थी के मन में यह प्रश्न उठता रहता है की क्या छात्रवृत्ति और फैलोशिप एक ही है या अलग-अलग। फेलोशिप हो या छात्रवृत्ति दोनों का उद्देश्य एक ही होता है विद्यार्थी को वित्तीय सहायता प्रदान करना। परंतु यहां पर हम स्कॉलरशिप और फेलोशिप के अंदर उलझा के रह जाते हैं कि इसके अंदर अंतर क्या होता है तो इसके अंदर मात्र इतना फर्क होता हैकी स्कॉलरशिप यानी छात्रवृत्ति सिर्फ प्रारंभिक कक्षा से लेके स्नातक डिग्री तक दी जाती है जबकि फेलोशिप के अंदर स्नातक से ऊपरकिसी विशेष संस्थान विश्वविद्यालय यूनिवर्सिटी में रिसर्च कर रहे छात्रों को दी जाती है।

मुख्यमंत्री फेलोशिप 2

यूपी सीएम फेलोशिप योजना का उद्देश्य 

मुख्यमंत्री फैलोशिप योजना का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के ऐसे युवाओं को सरकार के साथ सहभागिता का विशेष अवसर प्रदान करना है जो कि किसी अनुसंधान केंद्र के अंदर रिसर्च कर रहे हो। मेधावी छात्रों को सरकार के द्वारा आर्थिक सहायता राशि प्रदान करना जिनसे उनके शोध कार्य में आसानी पैदा हो। निम्न बिंदुओं के मदद से आइए समझते हैं उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  • इस योजना का सब से मुख्य उद्देश्य यह है की प्रदेश से मेधावी छात्रों को चयन करना जो स्नातक डिग्री में कम से कम 60% प्राप्तांक हासिल करें। या इस से उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हों।
  • राज्य सरकार की मानसा है की ऐसे विधार्थी को इस फेलोशिप प्रग्राम के मदद से राज्य के विकास खंड में चल रही योजनाओं के सर्वेक्षण और अध्ययन क्रयों पर शोधार्थी का चयन किया जाए।
  • इस योजना एक पहलू ये भी है की ऐसे युवाओं को सरकर की नीति बनाने में, प्रबंधन क्रियान्वयन के कार्यों में सहयोग का मौका दिया जाए।

यूपी सीएम फेलोशिप योजना के लाभ

उत्तर प्रदेश फेलोशिप योजना का लाभ विधार्थी को बहुत सारा है जो की निम्न है।

  • इस योजना के आवेदक में जो भी विधीयर्थी चयनित होंगे उन्हें 30000 रुपये हर महीने दिए जाएंगे।
  • ऐसे मेधावी छात्रों का राज्य के विकासखं, योजना नीति, प्रबनध, कर्यक्रम के अंतर्गत शोध क्रयों में लगे विधारतियों का सीधा सिलेक्शन
  • शोध कर रहे छात्रों को टूर में जाने के लिए 10,000 रु हर महीने दिए जाएंगे।
  • स्कालर्स को टैबलेट खरीदने के लिए 15,000 रुपये का एक बार भुगतान किया जाता है। यह टैबलेट उन्हें रिसर्च, डाटा विश्लेषण तथा मॉनिट्रिंग के कार्य मे मदद करता है।
  • चयनित छात्रों को विकासखंड में रहने के लिए आवास की सविधा दी जाएगी।
  • 1 साल के अंदर 12 दिन का अवकास की अनुमति।
  • ऐसे छात्र जनहित में जारी योजनाओं में सरकार की मदद करना।

पात्रता मापदंड

यूपी सीएम फेलोशिप योजना के लिए पात्र होने के लिए, आपको निम्न मानदंडों को पूरा करना होगा-

  1. निवास: आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  2. शिक्षा: आवेदक किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से न्यूनतम 60% अंकों के साथ स्नातक की पढ़ाई पूरी की हो।
  3. आयु सीमा: आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि तक आवेदकों की आयु 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  4. भाषा निपुणता: हिंदी पढ़ने और लिखने में महारत अनिवार्य है।
  5. उपयुक्त अनुभव: प्रकाशित लेख, नीति पत्र, शोध पत्र, परियोजना मूल्यांकन और निगरानी जैसे क्षेत्रों में उपयुक्त कार्य अनुभव वाले आवेदकों को प्राथमिकता दी जाती है।
  6. कंप्यूटर कौशल: आवेदकों के पास उत्कृष्ट कंप्यूटर कौशल होना चाहिए।  सूचना और संचार टेकनोलॉजी ऐपलीकेशन का इस्तेमाल करने में कुशल होना चाहिए।
  7. क्षेत्र में काम करने की इच्छा: आवेदकों को क्षेत्र में काम करने और अपने निर्दिष्ट नगर निकायों के विकास में सक्रिय रूप से योगदान करने के लिए तैयार होना चाहिए।

उत्तर प्रदेश फेलोशिप योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज़

इस योजना में भाग लेने के लिए आपके पास निम्न डाक्यमेन्ट होना चाहिए।

  • जाति प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • ईमेल आईडी
  • मोबाइल नंबर
  • आय प्रमाण पत्र
  • graduation marksheet
  • कंप्युटर या आईटी प्रमाण पत्र

उत्तर प्रदेश फेलोशिप योजना की मुख्य शर्तें

  1. इस फेलोशिप में चयन होने के बाद आप किसी भी दूसरी असाइनमेंट नहीं कर सकते न ही कोई फूल टाइम पढ़ाई कर सकते हो या कोई रोजगार भी नहीं कर सकते इस अवधि में।
  2. इस फेलोशिप में काम करने के बाद ये आवश्यक नहीं की आप परमानेंट नौकरी रहेगी इस अवधि पूरी होने पर आप इस योजना से बाहर भी होसकते हैं।
  3. इस योजना में चयनित छात्रों को यह सुनिश्चित करना चाहिए की इस अवधि में आपको यात्रा भी करना पड़ पड़ सकता है कार्य हेतु।
  4. कार्य अवधि के टाइम दूसरे कर्मचारी के ड्यूटी टाइम की तरह आप की भी वही टाइम रहेगी।
  5. आपका सिलेक्शन होने के बाद यदि आपको ऑफर लेटर मिलता है तो आपको अगले 30 कार्यात दिन में सम्बंधित कार्यालय में अपना योगदान देना अनिवार्य होगा। अन्यतः आपका सिलेक्शन रेजेक्ट होसकता है
  6. फेलोशिप योजना में कार्य करने के अवधि में आप किसी राजनीतिक आंदोलन में भाग नहीं ले सकेंगे।
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